शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।। --२
शिश जटामसी बदनसहाय
त्रिनयन शोभित बिभुत लगाय शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
बघम्बर डमरू बजाय शिव
भाङ धतुरोको फौंक लगाय शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
नाचत हरपल बुढो साँढे चढे शिव
गौरी गणेश सदा शिव हरिहर ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
शरण पशुपती कहतक बीर
चारौं पदारथ अम्बर दिव्य शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
अनन्त गिरिजाधिश कि जय !!
(यो भजन पशुपतीनाथमा बिहान गाइन्छ )
संकलन - आबिष्कार
हरिहर जप मन लाउँ ।। --२
शिश जटामसी बदनसहाय
त्रिनयन शोभित बिभुत लगाय शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
बघम्बर डमरू बजाय शिव
भाङ धतुरोको फौंक लगाय शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
नाचत हरपल बुढो साँढे चढे शिव
गौरी गणेश सदा शिव हरिहर ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
शरण पशुपती कहतक बीर
चारौं पदारथ अम्बर दिव्य शिव ।।
शिव शिव जप मन लाउँ सदा शिव
हरिहर जप मन लाउँ ।।
अनन्त गिरिजाधिश कि जय !!
(यो भजन पशुपतीनाथमा बिहान गाइन्छ )
संकलन - आबिष्कार

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